<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"><channel><title>आँखों देखा</title><link>https://aayam-afo.pages.dev</link><description>मध्यप्रदेश की चित्रभाषाओं, कलाकारों और सार्वजनिक संस्कृति का हिंदी प्रकाशन। चयनित रिपोर्ट, कलाकार परिचय और दृश्य संदर्भ।</description><language>hi</language><item><title>भूरी बाई ने कागज़ पर अपना गाँव बसाया</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/bhuri-bai-paper/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/bhuri-bai-paper/</guid><description>जंगल, गुदना, हाट और हवाई जहाज़—पिटोल की चित्रकार की दुनिया में पुरानी स्मृति और नया जीवन साथ दिखाई देते हैं।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 02:00:00 +0530</pubDate></item><item><title>गोंड चित्रों में पेड़ के भीतर भी एक दुनिया है</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/gond-jangarh-kalam/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/gond-jangarh-kalam/</guid><description>प्रकृति, कहानियाँ और आधुनिक जीवन—गोंड चित्रकला के रंगीन विस्तार को पतंगढ़ और भोपाल के संदर्भ में पढ़िए।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 02:00:00 +0530</pubDate></item><item><title>दुर्गा बाई व्याम की चित्रकथाएं: पेड़ों की दुनिया को कागज़ पर रचने वाली कलाकार</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/durga-bai-padma-2022/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/durga-bai-padma-2022/</guid><description>द नाइट लाइफ ऑफ ट्रीज़ में दुर्गा बाई, भज्जू श्याम और राम सिंह उर्वेती के चित्र साथ हैं। मध्यप्रदेश की दुर्गा बाई को 2022 में कला के लिए पद्मश्री देने की घोषणा हुई थी।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 02:00:00 +0530</pubDate></item><item><title>भोपाल की दीवार के लिए गोंड कला और ग्रैफिटी की जोड़ी</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/bhopal-wall-art-2026/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/bhopal-wall-art-2026/</guid><description>वॉल आर्ट इंडिया 2026 के भोपाल कार्यक्रम में रोशनी व्याम और Khatra को एक साथ म्यूरल बनाने के लिए आमंत्रित किया गया।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 02:00:00 +0530</pubDate></item><item><title>झाबुआ के राम सिंह की भील कला को दिल्ली में मिले नए दर्शक</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/ram-singh-bhavor-2026/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/ram-singh-bhavor-2026/</guid><description>मार्च 2026 के ट्राइब्स आर्ट फेस्ट में झाबुआ के कलाकार को खरीदारों के साथ दूसरी चित्रपरंपराओं के कलाकारों से मिलने का मौका मिला।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 02:00:00 +0530</pubDate></item><item><title>भीली से मवासी तक: लोककथाओं में पाँच भाषाओं का दस्तावेज़</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/mp-languages-2025/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/mp-languages-2025/</guid><description>2 अप्रैल 2025 के संसदीय उत्तर में मध्यप्रदेश के जनजातीय शोध संस्थान के भाषा और सांस्कृतिक दस्तावेज़ीकरण का ब्यौरा आया।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 02:00:00 +0530</pubDate></item><item><title>मुंबई के ‘आदि चित्र’ में गोंड और भील कला भी पहुँची</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aadi-chitra-mumbai-2025/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aadi-chitra-mumbai-2025/</guid><description>10 नवंबर 2025 को खुली राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सौ से अधिक चित्र रखे गए; मध्यप्रदेश की दो परंपराएँ भी शामिल थीं।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 02:00:00 +0530</pubDate></item><item><title>दीपावली UNESCO सूची में: रोशनी के साथ जीवित परंपराओं को मान्यता</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/deepavali-unesco-2025/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/deepavali-unesco-2025/</guid><description>10 दिसंबर 2025 को दीपावली UNESCO की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल हुई।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 02:00:00 +0530</pubDate></item><item><title>वन विहार वीथिका: बाघ सप्ताह पॉम पेंटिंग; कक्षा 9–12 के 50 प्रतिभागी, तीन स्कूल</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-palm-painting/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-palm-painting/</guid><description>27 जुलाई 2026, 19:11। बाघ सप्ताह 22–28 जुलाई, अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस। विहार वीथिका, प्रातः 10 से 12। संचालक श्री विजय कुमार। स्कूल: सेंट जॉर्ज, जवाहर लाल, गुरूनानक पब्लिक। कक्षा 9 से 12। विषय: मध्यप्रदेश में बाघ। 50 प्रतिभागी एवं शिक्षक। पुरस्कार प्रथम-द्वितीय-तृतीय; चार सांत्वना—सहायक संचालक डॉ. रूही हक। 28 जुलाई 7–9 बजे पक्षी अवलोकन—उस शीट की भविष्य पंक्ति। चित्र प्रतियोगिता का फ्रेम है, 50 हथेलियाँ नहीं।</description><pubDate>Mon, 27 Jul 2026 19:11:00 +0530</pubDate></item><item><title>खजुराहो के आदिवर्त में सात घरों से बनता मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक नक्शा</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-aadivart-houses/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-aadivart-houses/</guid><description>गोंड घर के पइता बंगला, परछी, आंगन और मुढ़ाट घर जैसे हिस्से बताते हैं कि यहां घर केवल पृष्ठभूमि नहीं, संग्रह की मुख्य वस्तु है।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 01:30:41 +0530</pubDate></item><item><title>भोपाल में BRICS प्रतिनिधियों ने देखे पारंपरिक घर, पांडुलिपियां और समुद्री इतिहास</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-igrms-houses/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-igrms-houses/</guid><description>5–8 अगस्त के सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिनिधियों ने मानव संग्रहालय के खुले परिसर, पारंपरिक आवास और जीवित परंपराओं के साथ तीन विशेष प्रदर्शनियां देखीं।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 01:30:41 +0530</pubDate></item><item><title>विश्व संगीत दिवस: 14 अंचल; जनजातीय संग्रहालय में स्मिता महाजन और प्रदक्षिणा भट्ट</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-sangeet-wall/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-sangeet-wall/</guid><description>21 जून 2026, 20:45। संस्कृति विभाग, 14 अंचल। शासकीय संगीत एवं ललित कला महाविद्यालय सहित संस्थान। भोपाल जनजातीय संग्रहालय, संगीत संध्या। भरतनाट्यम: पुणे की सुश्री स्मिता महाजन; शिष्याएँ हार्दिका फड़के, सिद्धि पाटिल, सिद्धि तार्डे। क्रम: विनायक स्तुति, मल्लारी, देवी कौतुकम्, दो पदम, तिल्लाना राग देश। ग्रंथ ‘मार्गम उन्मेष’—स्वयं रचित 75 रचनाएँ, तीन खंड। गायन: सुश्री प्रदक्षिणा भट्ट, राग यमन कल्याण; बड़ा ख़याल “मेरा मन बाँध लीनो रे”, छोटा “रंग दे रंग रेजवा”; तराना-तिरबट; समापन भजन “मोहन की राधा”। संगत: हारमोनियम श्री चैतन्य भट्ट; तबला रतलाम श्री तल्लीन त्रिवेदी। पुष्पगुच्छ: संचालक श्री एन.पी. नामदेव, उप संचालक डॉ. पूजा शुक्ला। चित्र संध्या का फ्रेम है, 14 अंचल एक साथ नहीं।</description><pubDate>Sun, 21 Jun 2026 20:45:00 +0530</pubDate></item><item><title>आंचलिक विज्ञान केंद्र: अंतरिक्ष अन्वेषण दीर्घा लोकार्पण; 30 से अधिक इंटरैक्टिव प्रदर्श</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-space-gallery/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-space-gallery/</guid><description>14 जुलाई 2026, 20:31। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव; केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत। आंचलिक विज्ञान केंद्र, भोपाल। हॉल ऑफ स्पेस एक्सप्लोरेशन। सहयोग: राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (संस्कृति मंत्रालय) और जिला प्रशासन। 30 से अधिक इंटरैक्टिव-इमर्सिव प्रदर्श: स्पेस फ्लाइट सिम्युलेटर, स्पेस वॉक, 3-डी पिंड, एआई, स्पेस टूरिज्म, रॉकेट-यान, कक्षीय यांत्रिकी, आईएसएस। भारत यात्रा: थुम्बा साउंडिंग रॉकेट से आर्यभट्ट, चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य-एल1, आगामी गगनयान। वाक्य: स्थापना कम व्यय से—राशि शीट नहीं देती। विद्यार्थी बड़ी संख्या में—गिनती नहीं। उपस्थित: महापौर श्रीमती मालती राय, सभापति श्री किशन सूर्यवंशी, निदेशक श्री साकेत सिंह कौरव, महानिदेशक श्री अनिल कोठारी। चित्र लोकार्पण का फ्रेम है, 30 प्रदर्श एक साथ नहीं।</description><pubDate>Tue, 14 Jul 2026 20:31:00 +0530</pubDate></item><item><title>खजुराहो: 51वाँ नृत्य समारोह 20–26 फरवरी; मैराथन प्रयास, बाल 15</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-khajuraho-nritya/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-khajuraho-nritya/</guid><description>13 फरवरी 2025, 21:14। राज्यमंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी; जनजातीय संग्रहालय प्रेस वार्ता। 51वाँ खजुराहो नृत्य समारोह: 20 से 26 फरवरी 2025; कंदरिया महादेव और देवी जगदंबा प्रांगण। घोषणा: 24 घंटे से अधिक शास्त्रीय नृत्य मैराथन का गिनीज प्रयास—19 फरवरी दोपहर 2:00 से 20 फरवरी सायं 5:00; प्रारंभिक 25 ग्रुप, लगभग 125 कलाकार। बाल महोत्सव: 310 आवेदन, चयन 15; आयु 10–16। वाद्य प्रदर्शनी नाद: 600 से अधिक। पिछले वर्ष: 1,486 कथक कलाकारों का गिनीज रिकॉर्ड—शीट का हवाला, इस विज्ञप्ति की रात नहीं। चित्र प्रेस वार्ता का है, मंदिर मंच नहीं।</description><pubDate>Thu, 13 Feb 2025 21:14:00 +0530</pubDate></item><item><title>भीमबेटका की जिस छाप को जीवाश्म समझा, वह छत्ता कैसे निकली?</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-bhimbetka-wall/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-bhimbetka-wall/</guid><description>तस्वीरों में घटती आकृति, सतह की बनावट और मोम के परीक्षण ने 2021 की पहचान बदल दी। दो अध्ययन एक अलग निष्कर्ष पर पहुंचे।</description><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 22:54:30 +0530</pubDate></item><item><title>देवबड़ला और आशापुरी के मंदिर: मूल पत्थरों को जोड़कर लौटाई जा रही संरचना</title><link>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-devbadla-form/</link><guid>https://aayam-afo.pages.dev/khabar/aayam-devbadla-form/</guid><description>8 मई की राज्य रिपोर्ट में पुरातत्व विभाग ने एनास्टाइलोसिस यानी मिले हुए मूल अवशेषों से संरचना का क्रम वापस बनाने की प्रक्रिया बताई।</description><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 01:30:41 +0530</pubDate></item></channel></rss>